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शैक्षणिक

अध्यक्ष, शिक्षण मामलें का कार्यालय या शिक्षण प्रकोष्ठ संस्थान के शैक्षिक मामलें-छात्रों के प्रवेश से लेकर उपाधि प्रदान करने तक की देख-रेख करता है।

दायित्व :

शिक्षण प्रकोष्ठ पूर्वस्नातक एवं परास्नातक दोनों प्रकार के छात्रों के हर शैक्षिक मामलों पर निर्णय लेती है तथा अधिसभा द्वारा लिये गये निर्णयों का कार्यान्वयन करती है। शिक्षण प्रकोष्ठ का प्रधान कार्य छात्रों से प्राप्त प्रतिपुष्टि तथा 'शैक्षिक कार्यक्रम पुनरीक्षण समिति' के प्रतिवेदन के आधार पर पाठ्यक्रम सृजन तथा उसका आवधिक पुनरीक्षण है। शिक्षण प्रकोष्ठ की अन्य ज़िम्मेदारियाँ निम्नवत हैं-

  •   शैक्षिक कार्यक्रम संबंधी सभी अभिलेख-पाठ्यक्रम, छात्र पंजीकरण, अवकाश(छात्रों का), परीक्षा, ग्रेड्स तथा उपाधि एवं पुरस्कार प्रदान आदि की प्राप्ति, प्रक्रमण एवं रख-रखाव
  • अगले शिक्षण वर्ष के लिये शैक्षिक तिथिपत्र जिसमें प्रत्येक शैक्षिक कार्यक्रमों के आनुमानिक दिनांक का उल्लेख हो उसकी प्रस्तुति एवं नवीनीकरण
  • समस्त शैक्षिक मामलें संबंधी सूचनाओं का प्रचार
  • शैक्षिक मामलें संबंधी आवश्यक ज्ञापन/आदेश जारी करना
  • विभाग, अनुदेशक तथा छात्रों के बीच एक संपर्क स्थल के रूप में कार्य करना
  • नियमित कक्षाओं तथा परीक्षाओं के लिये समय सारणी बनाना। कक्षाओं के लिये समय-सारणी विभागों से सलाह करके तैयार की जायेगी।
  • ग्रेड कार्ड, ट्रांसक्रिप्ट तथा अस्थाई प्रमाण-पत्र आदि के लिये अध्यक्ष, शैक्षिक मामलें, प्राधिकृत हस्ताक्षरी होंगे। उपाधि प्रमाण पत्र के लिये सभापति, शासी मंडल तथा निदेशक हस्ताक्षरी होंगे।
  • शोधार्थियों का जे आर एफ़ से एस आर एफ़ में उन्नति (अध्यक्ष, शोध एवं विकास के साथ समन्वयन में)
  • स्नातक एवं अधिस्नातक छात्र (बी एस-एम एस), एकीकृत पी एच डी, पी एच डी एवं पास हो गये छात्रों का सत्रानुसार भर्ती, उनकी छात्रवृत्ति आदि का अभिलेख रखना।
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